Diwali Kab Hai, हम दीवाली क्यों मनाते हैं? :-दिवाली हिंदू धर्म का सबसे बड़ा और लोकप्रिय त्योहार माना जाता है। इसे रोशनी, खुशियों और समृद्धि का पर्व कहा जाता है। दिवाली का त्योहार पूरे भारत सहित दुनिया के कई देशों में बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। इस दिन लोग अपने घरों को दीपक, रंगोली और लाइट्स से सजाते हैं, मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा करते हैं तथा मिठाइयां बांटकर खुशियां मनाते हैं।
दिवाली केवल एक धार्मिक पर्व नहीं बल्कि बुराई पर अच्छाई और अंधकार पर प्रकाश की विजय का प्रतीक भी है।
Diwali Kab Ki Hai?

Diwali Kab Hai 2026?
साल 2026 में दिवाली का त्योहार रविवार, 8 नवंबर 2026 को मनाया जाएगा।
यह दिन कार्तिक मास की अमावस्या तिथि को आता है और इसी दिन मां लक्ष्मी की विशेष पूजा की जाती है।
Diwali 2026 Lakshmi Puja Muhurat
लक्ष्मी पूजा का शुभ मुहूर्त 8 नवंबर 2026 की शाम में रहेगा। सटीक मुहूर्त पंचांग और स्थान के अनुसार थोड़ा अलग हो सकता है।
दिवाली 2026 पूजा का शुभ समय
- दिवाली: 8 नवंबर 2026
- लक्ष्मी पूजा: शाम के समय
- अमावस्या तिथि: 8 नवंबर 2026
दिवाली क्यों मनाई जाती है?
दिवाली मनाने के पीछे कई पौराणिक और धार्मिक मान्यताएं हैं। अलग-अलग समुदायों में दिवाली का महत्व अलग तरीके से बताया जाता है।
भगवान राम की अयोध्या वापसी
सबसे प्रसिद्ध मान्यता के अनुसार, जब भगवान राम 14 वर्ष का वनवास पूरा करके और रावण का वध करके माता सीता और भाई लक्ष्मण के साथ अयोध्या लौटे थे, तब अयोध्या वासियों ने दीप जलाकर उनका स्वागत किया था। उसी खुशी में दिवाली मनाई जाती है।
मां लक्ष्मी का प्रकट होना
समुद्र मंथन के दौरान मां लक्ष्मी प्रकट हुई थीं। इसलिए दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है ताकि घर में सुख, शांति और समृद्धि बनी रहे।
भगवान कृष्ण और नरकासुर वध
दक्षिण भारत में दिवाली भगवान कृष्ण द्वारा राक्षस नरकासुर के वध की खुशी में मनाई जाती है।
जैन धर्म में दिवाली का महत्व
जैन धर्म में दिवाली उस दिन के रूप में मनाई जाती है जब Mahavira ने निर्वाण प्राप्त किया था।
सिख धर्म में दिवाली का महत्व
सिख समुदाय दिवाली को बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाता है। इस दिन Guru Hargobind जी ग्वालियर किले से रिहा हुए थे।
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दिवाली के 5 दिन कौन-कौन से होते हैं?
दिवाली का त्योहार केवल एक दिन का नहीं बल्कि पांच दिनों तक चलने वाला उत्सव है।
1. धनतेरस
दिवाली का पहला दिन धनतेरस कहलाता है। इस दिन लोग सोना, चांदी, बर्तन और नई चीजें खरीदते हैं। भगवान धन्वंतरि और मां लक्ष्मी की पूजा की जाती है।
2. नरक चतुर्दशी / छोटी दिवाली
इस दिन भगवान कृष्ण द्वारा नरकासुर वध की याद में पूजा की जाती है। इसे छोटी दिवाली भी कहा जाता है।
3. मुख्य दिवाली
यह सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। इस दिन मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
4. गोवर्धन पूजा
दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा की जाती है। यह भगवान कृष्ण द्वारा गोवर्धन पर्वत उठाने की याद में मनाई जाती है।
5. भाई दूज
दिवाली का अंतिम दिन भाई दूज होता है। यह भाई-बहन के प्रेम का पर्व माना जाता है।
दिवाली कैसे मनाई जाती है?
घर की सफाई और सजावट
दिवाली से पहले लोग अपने घरों की साफ-सफाई और रंगाई-पुताई करते हैं।
दीपक और लाइट्स
घरों को दीपक, मोमबत्ती और रंग-बिरंगी लाइट्स से सजाया जाता है।
रंगोली बनाना
मुख्य द्वार पर सुंदर रंगोली बनाई जाती है, जिसे शुभ माना जाता है।
लक्ष्मी गणेश पूजा
दिवाली की रात मां लक्ष्मी और भगवान गणेश की पूजा की जाती है।
मिठाइयां और उपहार
लोग एक-दूसरे को मिठाइयां और गिफ्ट देकर शुभकामनाएं देते हैं।
पटाखे और उत्सव
हालांकि अब पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए ग्रीन दिवाली मनाने पर जोर दिया जा रहा है।

भारत में दिवाली कहां सबसे ज्यादा प्रसिद्ध है?
- Ayodhya की दीपोत्सव दिवाली
- Varanasi की गंगा आरती और दीपदान
- Jaipur की लाइटिंग
- Mumbai का उत्सव
- Kolkata की काली पूजा
दिवाली का महत्व
दिवाली हमें यह संदेश देती है कि जीवन में हमेशा अच्छाई की जीत होती है। यह त्योहार सकारात्मकता, खुशियों, प्रेम और समृद्धि का प्रतीक माना जाता है।
- परिवारों को जोड़ती है
- रिश्तों में मिठास बढ़ाती है
- घर में सकारात्मक ऊर्जा लाती है
- नई शुरुआत का प्रतीक मानी जाती है
Diwali Wishes 2026
- Happy Diwali 2026!
- मां लक्ष्मी आपके घर में सुख और समृद्धि लाएं।
- दीपावली आपके जीवन में खुशियों की रोशनी भर दे।
- आपको और आपके परिवार को दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं।

